हमारे देश की परम्परा है अतिथि देवो भव-कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री

ऋषिकेश, 2 जनवरी। परमार्थ निकेतन पधारे कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री श्री महेन्द्रनाथ पाण्डेय जी और उनके परिवार ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज का आशीर्वाद लेकर परमार्थ निकेतन से विदा हुये।
 परमार्थ निकेतन से चलते-चलते स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निघ्य और प्रेरणा से कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री श्री महेन्द्रनाथ पाण्डेय जी और उनके परिवार के सदस्यों ने परमार्थ परिसर में रूद्राक्ष का पौधा रोपित किया।
 स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि नये वर्ष मंे बस एक ही संकल्प लें कि हम ''अपने जल स्रोत्रों और पर्यावरण को संरक्षित रखेंगे।'' इन्हें संरक्षित रखना ही वास्तव में कौशल विकास है और यही हमारी उद्यमिता भी हो। उन्होने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने कौशल और कुशलता को आगे लाना होगा तभी होगा देश का विकास। भारत के 130 करोड़ लोग मिलकर अपने पर्यावरण को बचाने का संकल्प ले तो पर्यावरण ही नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियां भी बचेगी। पर्यावरण एवं जल संरक्षण ही वर्तमान समय की वास्तविक उद्यमिता है।
 स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि भारत के ऊर्जावान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारत को स्वच्छ करने के लिये देश में लगभग 9 करोड़ शौचालयों का निर्माण कर हमारे राष्ट्र को खुले में शौच से मुक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है, अब हम सभी का कर्तव्य है कि उनके संकल्प को अपना संकल्प बनाकर खुले में शौच से मुक्त, श्रेष्ठ, स्वच्छ और सुन्दर भारत बनाने में योगदान प्रदान करें। स्वामी जी महाराज ने कहा कि ओडीएफ फ्री भारत के साथ अब भारत को ओजीएफ
(ओपन गार्बेज फ्री ) फ्री भारत बनाना होगा और इस हेतु निरन्तर प्रयासों करने होंगे, इसके लिये अपने कौशल; अपनी उद्यमिता को लगाना होगा।
  कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री श्री महेन्द्रनाथ पाण्डेय जी ने कहा कि परमार्थ गंगा आरती में भव्यता के साथ दिव्यता का अद्भुत समावेश है ऐसा लग रहा है जैसे यहां पर कुछ दिन और रूके। इस दिव्य, स्वव्च्छ और रमणीय वातावरण में बार-बार आने का मन करता है। उन्होने कहा कि हमारे देश की परम्परा है ''अतिथि देवो भव'' और हमने इस दिव्य परम्परा को परमार्थ निकेतन में बड़ी ही दिव्यता से निर्वहन करते देखा है। स्वामी जी के द्वारा प्रतिदिन गंगा आरती के माध्यम से अपने शहर, राज्य और राष्ट्र को स्वच्छ और हरित बनाने का जो संकल्प कराया जाता है वास्तव में बहुत ही प्रेरणादायी परम्परा है। पाण्डेय परिवार के सदस्य भी स्वामी जी के साथ नव वर्ष मनाकर अत्यंत प्रसन्न थे।
 माननीय मंत्री जी ने सपरिवार परमार्थ निकेतन परिसर में रूद्राक्ष के पौधे का रोपण किया। स्वामी जी ने सभी भक्तों को स्वच्छ और हरित राष्ट्र के निर्माण का संकल्प कराया।