12 जनवरी, ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केबिनेट मंत्री ग्रामीण विकास, पंचायत राज, खेल और युवा विकास मंत्री कर्नाटक सरकार श्री केÛ एसÛ ईश्वरप्पा जी पधारें।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द जी ने शिकागो, अमेरिका में 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया जिससे भारतीय वेदान्त दर्शन और आध्यात्मिकता का दर्शन पूरे विश्व को हुआ और एक सार्वभौमिक पहचान भी मिली।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने स्वामी विवेकानन्द जी की जयंती पर शत् शत् नमन करते हुये युवा दिवस पर युवाओं को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। युवा का अर्थ ही है उत्साह स्वामी विवेकानन्द जी ने कहा था कि मेरा विश्वास युवा पीढ़ी में है, नई पीढ़ी में है। भारतीय युवा सिंहों की भांति सभी समस्याओं का हल निकालंेगे। उन्ही के प्रयत्नों और पुरूषार्थ से भारत देश गौरवान्वित होगा और 21वीं सदी भारत की होगी। स्वामी जी ने कहा कि वास्तव में भारत के पास अपार युवा शक्ति है। राष्ट्रीय युवा दिवस’ पर भारत के युवाओं का आहृवान करते हुये स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी कहा कि ’युवा दिवस को राष्ट्र सेवा दिवस में रूप में मनायें और राष्ट्र और समाज के उत्थान में बढ़-चढ़ कर अपना योगदान प्रदान करें।
आज की दिव्य गंगा आरती स्वामी विवेकानन्द जी को समर्पित की गयी। श्री केÛ एसÛ ईश्वरप्पा जी ने परमार्थ गंगा आरती में सहभाग किया। माननीय मंत्री जी को पर्यावरण का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया। परमार्थ गंगा तट से प्रकृति संरक्षण का संकल्प कराया।
श्री केÛ एसÛ ईश्वरप्पा जी ने कहा कि माँ गंगा में अपार जल राशी है उसी तरह उनके पावन तट पर अपार शान्ति भी है। आज मैने इस दिव्य शान्ति का अनुभव किया।