प्रख्यात सूफी और बालीवुड गायक कैलाश खेर ऋषिकेश में पधारे

ऋषिकेश, 6 मार्च। परमार्थ निकेतन, अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में 73 देशों से आये योग जिज्ञासुओं ने विश्व विख्यात सूफी गायक श्री कैलाश खेर और कैलासा बैंड के सूफी संगीत का आनन्द लिया। कैलाश खेर की आवाज के जादू पर जमकर नाचे योगी।
 परमार्थ निकेतन में प्रख्यात सूफी और बालीवुड गायक कैलाश खेर अपने बैंड कैलासा के साथ पधारे। परमार्थ निकेतन के ऋषिकुमारों ने वेद मंत्रों और शंख ध्वनि के साथ उनका दिव्य स्वागत किया। परमार्थ निकेतन में आज की शाम सूफी संगीत के नाम रही। कैलाश खेर की मखमली आवाज पर जमकर योगियों ने नृत्य किया। उनके मधुर भजन और सूफी गायकी ने सब का मन मोह लिया।
 स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, साध्वी भगवती सरस्वती जी, एक नई सोच के लेखक, अगापे इंटरनेशनल स्प्रिरिचुअल संेटर के संस्थापक रेवरेन्ड माइकल बेकविथ और न्यू थाॅट संगीतकार रिकी बायरस बेकविथ, अमेरिकी जीव वैज्ञानिक डाॅ ब्रूस लिप्टन, आर्गेनिक इण्डिया के प्रमुख भारत मित्रा, योगाचार्यो और योग जिज्ञासुओं ने भी कैलासा बैंड की जोरदार प्रस्तुति का आनन्द लिया।


 परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि अपने भीतर प्रवेश करना और स्व के साथ संबंध स्थापित करना ही योग है। हमारे भीतर विचारों का एक हिमालय है उससे पार जाने पर ही शान्ति का मार्ग प्राप्त हो सकता है। जब तक हम पूर्ण रूप से स्व से नहीं जुड़ जाते तब तक परमात्मा और प्रकृति से नहीं जुड़ सकते। ’योग, केवल एक अभ्यास ही नहीं बल्कि जीवन जीने का विज्ञान है।
उन्होनेेे कहा कि जीवन एक यात्रा है और यह यात्रा सतत चलती रहती है बाहर भी चलती है और भीतर भी। इस यात्रा मंे सब को कुछ न कुछ की तलाश रहती है। जो मैं देखता हूँ और अनुभव करता हूँ वह यह कि सभी को एक सार्वभौमिक तलाश है वह है शान्ति की तलाश। शान्ति का समावेश जीवन में तभी होता है जब जीवन में एकता होती है, सद्भाव और समरसता होती है। एकत्व और सद्भाव आता है योग के माध्यम से।  


 साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि अपने भीतर के आनन्द को खोजे तथा अपनी खुशियों के लिये किसी पर निर्भर न रहे। स्वयं के साथ रहना, अधिक से अधिक ईश्वर की समीपता का अनुभव करना तथा हमें जिसमें खुशी मिलती है उसे पूरी तन्मयता से करना ही तो योग है। हर प्राणी अकेले जन्म लेता है और अकेले ही मृत्यु को प्राप्त होेता है इसलिये ईश्वर ने हर प्राणी के अन्दर उसकी खुशी का खजाना रखा हुआ है। वह चाहे तो स्वयं के साथ रहकर अपार आनन्द का अनुभव कर सकता है।
अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में आज योग और ध्यान के विशेष अभ्यास सत्र में प्रातःकाल कैटी बी हैप्पी द्वारा विन्यास योग, गंगा नन्दिनी द्वारा योगा फाॅर आल: सुक्ष्म व्यायाम, योगाचार्य इंदु शर्मा द्वारा पारम्परिक हठयोग, योगाचार्य संदीप देसाई द्वारा अष्टांग योग, चीन से आये भारतीय मूल के योगाचार्य श्री मोहन भण्डारी द्वारा फ्लो आॅफ योगी-सुधार और विस्तार, अमेरिकी योगाचार्य एवं संगीतज्ञ आनन्द्रा जार्ज द्वारा सूर्य उदय नाद योग साधना, योगाचार्य बेथ शाॅ द्वारा योग के माध्यम से आघात चिकित्सा, योगाचार्य एचÛ एसÛ अरूण द्वारा ताड़ासन द्वारा सभी आसनों का नेतृत्व, योगाचार्य कीया मिलर द्वारा कुण्डलिनी जागरण, योगाचार्य आनन्द मेहरोत्रा द्वारा कुण्डलिनी के प्रवाह तक पहुंचना, लंदन से आये योगाचार्य स्टीवर्ट गिलक्रिस्ट द्वारा आधुनिक संदर्भ में राग, अस्थि रोग और चीनी चिकित्सा विशेषज्ञ जोसेफ श्मिडलिन द्वारा द हार्मोनिक स्पाइन, प्रख्यात नृत्यावली ग्रुप के श्री भरत बारिया जी, श्री अक्षय पटेल, मीनाक्षी पटेल, रविता बारिया और यश बारिया द्वारा भारतीय क्लासिकल नृत्य, डाॅ स्मिता नरम द्वारा 100 वर्षो तक आप पूरी ऊर्जा के साथ कैसे रह सकते है, माँ ज्ञान सुवेरा द्वारा हीलिंग-4, योगाचार्य जोना फासो द्वारा द जाॅय आफ सरगम, चिकित्सा निदेशक, कार्डियोलाॅजिस्ट डाॅ एलेजांड्रो जंगर, द्वारा विषहरण क्यो महत्वपूर्ण, डाॅ ईडेन गोल्डमैन द्वारा, चिकित्सा विन्यास, रोहीनी मनोहर द्वारा यिन योग, एंड्रयू हेविट द्वारा योग आॅफ बिज़नेस, योगाचार्य सीना शर्मन द्वारा राग योग, योगाचार्य टोमी रोजेन द्वारा अपने द्वारा दूसरे व्यक्ति की पहचान करना, योगाचार्य सत्या हिंदुजा द्वारा वातावरण की रसायन विद्या और अन्य कक्षाओं का आयोजन किया गया।


आज के आध्यात्मिक सत्र में कल्याण की सीमायें विषय पर चिकित्सा निदेशक, आस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध कार्डियोलाॅजिस्ट डाॅ एलेजांड्रो जंगर, फंक्शनल फोरम के निर्माता जेम्स मास्केल, मुम्बई से आयी प्रसिद्ध नाड़ी विशेषज्ञ डाॅ स्मिता नरम, आर्गेनिक इण्डिया एवं अपलिफ्ट के संस्थापक भारत मित्रा ने सहभाग किय अपने विचार व्यक्त किये।’’


सांयकालीन संगीत कलामंच में कीर्तनियों द्वारा मंत्र उच्चारण और ’हार्ट ओपन’ कीर्तन और इज़रायल से आये विख्यात संगीतज्ञ गिल रान शामा द्वारा हिब्रु और हिन्दी भाषा में विशेष प्रस्तुति। गुजरात से आये प्रख्यात नृत्यावली ग्रुप के श्री भरत बारिया जी, श्री अक्षय पटेल, मीनाक्षी पटेल, रविता बारिया और यश बारिया द्वारा भारतीय क्लासिकल नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति।


विश्व विख्यात योग महापर्व की मेजबानी परमार्थ निकेतन द्वारा सन 1999 से निरन्तर की जा रही है। इस अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में विश्व के 25 से अधिक देशों के 90 से अधिक पूज्य संत एवं योगाचार्य सम्मिलित हुये हैं। अब तक 73 से अधिक देशों के 1415 से अधिक प्रतिभागी सहभाग कर चुके हैैं और लगातार दुनिया के विभिन्न देशों के योग जिज्ञासु इस महोत्सव में सहभाग हेतु पंजीयन करा रहे हंै।


अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में योग की 150 से अधिक कक्षायें होती है। यह क्रम प्रातः 4ः00 बजे से रात 9ः30 बजे तक एक सप्ताह तक प्रतिदिन चलता है।
अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का आयोजन परमार्थ निकेतन, अतुल्य भारत, पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वाधान में किया जा रहा है।
विश्व के अनेक देशों से आये योगियों के लिये परमार्थ गंगा आरती सबसे प्रसन्नता देने वाला क्षण होता है जहां पर वे विश्व शान्ति हेतु हवन, कीर्तन और माँ गंगा की दिव्य आरती में मग्न रहते है।
योग महोत्सव में आये सभी साधकों ने विश्व विख्यात माँ गंगा जी की आरती में सहभाग किया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने सभी विशिष्ट अतिथियों का रूद्राक्ष का पौधा देकर अभिनन्दन किया।
परमार्थ का विविध कलाओं से समृद्ध साप्ताहिक मंच
इस वर्ष अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में आध्यात्मिक व्याख्यान श्रंृखला में विश्व प्रसिद्ध विभूतियाँ श्री श्री रविशंकर जी, योगगुरू स्वामी रामदेव जी महाराज, स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज, स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, डाॅ प्रणव पण्ड्या जी, आचार्य बालकृष्ण जी, गौर गोपाल दास जी अन्य दिव्य आत्माओं का पावन सान्निध्य।
विश्व विख्यात सूफी गायक, कैलास खेर अपने कैलाशा बैंड के साथ प्रेरणादायक संगीत प्रस्तुत करेंगे। प्रख्यात ड्रम एवं ताल वादक शिवमणि और रूना रिज़वी, मंत्रमुग्ध करने वाला संगीत प्रस्तुत करेंगे, ’प्रेम से परमानंद की यात्रा’ कीर्तनियों का आत्मा को छूने वाला कीर्तन, इज़रायल से विशेष रूप से आये संगीतकार गिल राॅन शामा का हिब्रु और हिन्दी भाषा के सम्मिश्रण वाला अद्भुत संगीत साथ ही अनेक राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय संगीतकारों और कलाकारों से सुशोभित होगा परमार्थ निकेतन कलामंच।
द वल्र्ड आॅफ़ कल्चरल यूनियन: ए इवनिंग आॅफ़ कल्चरल साॅग, परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों द्वारा डांस एंड थिएटर परफाॅरमेंस, सूफी डांस मर्ट गुलर की टीम के द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है।
योग की कक्षायें प्रातः 4ः00 बजे से रात 9ः30 बजे तक सम्पन्न हो रही, जिसमें प्रमुख रूप से अष्टांग योग, अयंगार योग, हठ योग, राज योग, भक्ति योग, कर्मयोग, गंगा योग, विन्यास योग, कुण्डलिनी योग, जीवमुक्ति योग, सिन्तोह योग, सेमैटिक योग, लीला योग, डीप योग आदि एक सप्ताह तक प्रस्तुत किये जायेंगे। इसके अतिरिक्त ध्यान, मुद्रा, वैदिक मंत्र, संस्कृतवाचन, आयुर्वेद, सांउड हीलिंग, रेकी, दर्शन, होम्योपैथी चिकित्सा तथा अनेक कार्यशालायंे, नाटक प्रदर्शन, व्याख्यान, प्रवचन तथा इंटरैक्टिव सत्रों का आयोजन किया गया। देश-विदेश से आये हुये आध्यात्मिक महापुरूषों एवं धर्मगुरूओं द्वारा धार्मिक सवांद, जिज्ञासा समाधान एवं प्रश्नोŸारी का भी विशेष आयोजन इस अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में किया जा रहा है।
प्राचीन भारतीय दर्शन, वेदान्त, मानव सशक्तिकरण, प्रेरक नृत्य, संगीत, तनाव नियंत्रण कार्यशाला, आहार विशेषज्ञ के साथ चर्चा जैसे अनेक सत्रों का आयोजन किया जा रहा है।
31 वाँ अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में देशों के योगियों की सहभागिता -  भारत, स्पेन, ब्राजील, पुर्तगाल, पोलैंड, मैक्सिको, बेल्जियम, अमेरिका, कोलम्बिया, नीदरलैण्ड, पेरू, अर्जेन्टीना, जर्मनी, आस्ट्रेलिया, इटली, नार्वे, जर्मनी, तिब्बत, भूटान, रूस, इजरायल, इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा, स्वीडन, हांगकाग, बेल्जियम, स्विट्जरलैण्ड, बहरीन, अफगानिस्तान, अफ्रीका, सिंगापुर, ताईबान, फिलिस्तीन, ईरान, जापान, केन्या, यमन, पेलस्टाईन, सिंगापुर, ताईबान, बैंकाक, नामीबिया, इक्वाडोर, कोलम्बिया, ग्वाटेमाला, आॅस्ट्रिया, क्यूबा, चिले, थाईलैण्ड, तुर्की, ब्रिटेन, दक्षिण अमेरिका आदि विश्व के विभिन्न देेशों के योग जिज्ञासुओं ने सहभाग किया।