पुलिस विभाग को करोना का खतरा

पुलिस विभाग आजकल लोगों को घरों के अंदर रहने के लिए सख्ती से पेश आ रहा है कहीं यह है सख्ती पुलिस को क्रोना वायरस की चपेट में ना ले ले देश भर में देखा जा रहा है कि पुलिस विभाग लोगों को  घरों के अंदर रहने के लिए डंडे का और हाथों का इस्तेमाल कर रहा है जिन हाथों से और डंडो से मारा जा रहा है और जिन हाथों से  थप्पड़ मारे जा रहे यदि गलती से किसी  करोनाग्रस्त व्यक्ति को  मारा गया तो जिन डंडों और हाथों से मारा गया होगा तो जो भी पुलिस वाला होगा उसे   पता भी नहीं चलेगा कि वह कब क्रोना की चपेट में आ गया है इस प्रकार पुलिस विभाग खुद और अपने परिवार के लिए बहुत बड़ा खतरा ले रहे हैं क्योंकि आज जिस सामाजिक दूरी की बात हो रही है वह सामाजिक दूरी क्या पुलिस वालों के लिए नहीं होनी चाहिए पुलिस विभाग के लिए कोई दिशा-निर्देश नहीं बनाए गए कि उन्हें बल का प्रयोग किस प्रकार करना है क्योंकि यह जंग इसलिए लड़ी जा रही है कि क्रोना के खतरे को कम किया जाए पर एक ही डंडे से 10-20 आदमियों को जब मारा जाता है तो वह डंडा भी क्रोना ग्रस्त हो गया होता है या जिस हाथ से थप्पड़ मारा जाता है वह हाथ  भी संक्रमित हो सकता है इस प्रकार गृह मंत्रालय को भी सोचना चाहिए कि दंड किस प्रकार से दीया जाए