जिला अधिकारी हरिद्वार द्वारा निजी और सरकारी चिकित्सालय मे लापरवाही के कारण किशोरी की मृत्यु पर मजिस्ट्रियल जांच बिठाई गई

शीर्षक ”बीमार बेटी कोलेकर अस्पतालों में दौडता रहा पिता, हुई मौत नहीं मिला इलाज, जिला अस्पताल नेभी नही दिखायी गम्भीरता“ के अवलोकन से ज्ञात हुआ कि शहर के मध्य स्थित एक कालोनीमें मानसिक अशक्त किशोरी उम्र करीब 17 वर्ष को दिनांक 24.03.2020 को बुखार वखाॅसी की शिकायत हो गयी, उनके परिजन द्वारा किशोरी को पडोस में एक नामी महिलाचिकित्सक से इलाज कराया जा रहा था, किन्तु रविवार को किशोरी की तबियत अधिकखराब होने पर उसे महिला चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहाॅ महिला चिकित्सक द्वाराकिशोरी को भर्ती न कर उसे जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी गयी। परिजन रविवार कीसुबह करीब 11.00 बजे किशोरी के उपचार के लिए जिला चिकित्सालय लेकर पहुॅचे, जहाॅपर फ्लू क्लीनिक में मौजूद चिकित्सकों द्वारा किशोरी को देखकर उसकी कुछ जाँच करनेको लिखा गया और पुनः सोमवार को आने के लिए कहा गया। इसीप्रकार सरकारी तथा निजि चिकित्सालयों की लापरवाही और सही समय पर इलाज न मिलने केकारण किशोरी की मृत्यु का मामला संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी हरिद्वार श्री सी रविशंकरने इसको गम्भीरता से लेते हुए मामले की मजिस्ट्रीलय जांच के आदेश दिये हैं।जिलामजिस्टेªट महोदय हरिद्वार ने अपने आदेश संख्या 956/न्याय अनु0/मजि0 जांच/2020 निांक08 अपै्रल, 2020 के अन्तर्गत प्रकरण की मजिस्ट्रीयल जांच हेतु अधोहस्ताक्षरी को जांचअधिकारी नामित किया है।            अतः सर्वसाधारण को एतद्द्वारा सूचितकिया जाता है कि उपरोक्त घटना के सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को कोई मौखिकअथवा लिखित साक्ष्य प्रस्तुत करना हो तो वह विज्ञप्ति जारी होने के दस दिवस के भीतरअधोहस्ताक्षरी के कार्यालय स्थिति पुरानी कचहरी देवपुरा हरिद्वार में किसी भी कार्यदिवस में प्रातः 11.00 बजे से सांय 05.00 बजे तक उपस्थित होकर अपने बयानअभिलिखित करा सकता है अथवा लिखित साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है।



  • जिला सूचना अधिकारी
           हरिद्वार।